43 साल के साथ पर भारी पड़ी राजनीति की डगर, रेणु जोगी नहीं आएंगी पति के साथ, अजीत जोगी बोले- कांग्रेस से ही लड़ेंगी चुनाव

रायपुर।आखिरकार राजनीति की डगर पर 43 साल का पारिवारिक साथ कमजोर पड़ गया। तमाम दावों और अटकलों के बीच कोटा विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी कांग्रेस से ही चुनाव लड़ेंगी। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजीत जोगी ने स्वयं रविवार को इसकी जानकारी दी। रेणु जोगी फिलहाल कोटा से कांग्रेस की विधायक हैं।

– दरअसल, पिछले लंबे समय से रेणु जोगी को लेकर तमाम दावे और अटकलें लगाई जा रहीं थी। ज्यादा संभावना इस बात कि थी कि रेणु जोगी कांग्रेस का हाथ छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का हाथ पकड़ सकती हैं। इसको लेकर कांग्रेस भी लगभग तैयार थी और उन्हें पार्टी से अलग मानकर चल रही थी।

– पिछले दिनाें दैनिक भास्कर के कार्यक्रम प्रश्न पूछिए में अजीत जोगी ने भी स्पष्ट किया था कि रेणु उनके साथ 43 साल से रह रही हैं और उन्हें यकीन है कि चुनाव के पहले वो जरूर उनकी पार्टी में शामिल हो जाएंगी। इस सबसे इतर अब अजीत जोगी का कहना है कि मैंने रेणु को बहुत मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानीं।

– हालांकि अजीत जोगी के रेणु जोगी को लेकर आए बयान के बाद भी जोगी के कांग्रेस और जनता कांग्रेस में रहने को लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति बनी हुई। वहीं अजीत जोगी का कहना है कि रेणु के कांग्रेस से चुनाव लड़ने से कोई आपत्ति नहीं है। अगर कांग्रेस उन्हें टिकट देगी तो उनके खिलाफ जनता कांग्रेस चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारेगी।

– उधर, कांग्रेस मान रही थी कि अंत में रेणु जोगी जनता कांग्रेस में जाएंगी, लेकिन अजीत जोगी के बयान के बाद उस पर विराम लग गया। रेणु ने कभी भी कांग्रेस या उसके नेताओं के खिलाफ कोई बयान जारी नहीं किया। न ही उन्होंने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला है। हालांकि पार्टी ने ही उन्हें किनारे लगाना शुरू कर दिया था।

सोनिया गांधी से बहुत प्रभावित हैं रेणु

– अजीत जोगी का कहना है- सोनिया गांधी से उनकी पत्नी रेणु जोगी बहुत प्रभावित हैं। वह कांग्रेस को नहीं छोड़ना चाहती हैं। मैंने रेणु को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन उनके अपने तर्क हैं। उनकी कांग्रेस अौर सोनिया गांधी के प्रति प्रतिबद्धता कम नहीं है। कांग्रेस से अगर टिकट नहीं मिलेगा तब हम अपनी पार्टी का टिकट देंगे।

– जोगी ने कहा कि भारत में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके सदस्य अलग-अलग पार्टियों से संबंध रखते हैं, तो छत्तीसगढ़ में अगर ऐसा होता है तो क्या नया है। उन्होंने परिवार के अलग-अलग पार्टियों में होने के कुछ उदाहरण भी दिए है। जोगी ने बयान देकर नए समीकरण को जन्म दे दिया है।