ब्रिटिश एयरवेज के विमान में बच्चा रोया, क्रू मेंबर ने दी बाहर फेंकने की धमकी; दो भारतीय परिवारों को उतारा

नई दिल्ली. यूरोप की प्रतिष्ठित एयरलाइन ब्रिटिश एयरवेज पर एक भारतीय अफसर ने उनके परिवार के साथ रंगभेद और बदसलूकी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विमान में टेकऑफ के वक्त उनका तीन साल का बेटा रोने लगा। इस पर क्रू मेंबर इतना खफा हो गया कि उसने बच्चे को बाहर फेंकने की धमकी दे दी। इसके बाद फ्लाइट को तुरंत टर्मिनल पर ले जाया गया और दो भारतीय परिवारों को नीचे उतार दिया गया। दूसरे परिवार का गुनाह सिर्फ इतना था कि वह बच्चे को चुप कराने में मदद कर रहा था। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में सुरेश प्रभु और सुषमा स्वराज को पत्र लिखा, लेकिन अब तक उनका कोई जवाब नहीं आया।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह बदसलूकी भारतीय इंजीनियरिंग सर्विस की 1984 बैच के अधिकारी एपी पाठक और उनके परिवार के साथ की गई। वे फिलहाल रोड ट्रांसपोर्ट मंत्रालय में हैं। ज्वॉइंट सेक्रेटरी लेवल के इस अफसर के मुताबिक, घटना 23 जुलाई की है। उस वक्त वे पत्नी और बच्चे के साथ लंदन-बर्लिन फ्लाइट (बीए 8495) में सफर कर रहे थे। उन्होंने इसकी शिकायत उड्‌डयन मंत्री सुरेश प्रभु और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से की। इसके बाद यह मामला सामने आया।

बच्चा सीट बेल्ट से डर गया था : पीड़ित अफसर ने सुरेश प्रभु को लिखे पत्र में कहा, “मैं लंदन से बर्लिन जा रहा था। तीन साल के बच्चे के लिए मैंने अलग सीट बुक कराई थी। सुरक्षा घोषणा के बाद पत्नी उसे सीट बेल्ट लगा रही थी। यह देखकर बच्चा घबरा गया और रोने लगा। उसे चुप कराने की कोशिश की गई। एक क्रू मेंबर सीट के पास आया और हम पर चिल्लाने लगा। उसने रनवे पर मौजूद स्टाफ को फ्लाइट वापस ले जाने का संदेश भेजा। उसने गाली-गलौज करते हुए कहा- तू चुप हो जा, वरना खिड़की से बाहर फेंक दूंगा। पिछली सीट पर बैठे भारतीय परिवार ने बच्चे को बिस्किट देकर चुप कराने की कोशिश की तो उन्हें भी प्लेन से उतार दिया।” पाठक ने कहा कि एक भारतीय से दुर्व्यवहार करने के आरोप में एयरलाइंस माफी मांगे और मुआवजा दे।

कंपनी ने कहा- ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं : ब्रिटिश एयरवेज के प्रवक्ता ने कहा, “इस तरह के आरोपों को हम गंभीरता से लेते हैं। ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यात्रियों के साथ भेदभाव हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम पीड़ित से लगातार संपर्क में हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।”

उत्तरप्रदेश: पुलिस ने कांवड़ियों पर हेलिकॉप्टर से बरसाए फूल, एडीजी ने कहा- ऐसा करने के लिए सरकार ने कहा

मेरठ.उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर से फूल बरसाने के मामले में मेरठ जोन के एडिशनल जनरल ऑफ पुलिस (एडीजी) प्रशांत कुमार ने गुरुवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार के कहने पर ही ऐसा किया, ताकि कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि हेलिकॉप्टर भी शासन की तरफ से उपलब्ध कराया गया है।

हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों के स्वागत पर एडीजी ने कहा, इसे धार्मिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए, लोगों के स्वागत के लिए फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रशासन सभी धर्मों का सम्मान करता है और गुरुपर्व, ईद, बकरीद और जैन त्योहारों में भी प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करता है। गुरुवार और शुक्रवार को भी इसी तरह से मेरठ जोन में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया जाएगा।

पुलिस ने किए विशेष इंतजाम:कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। यूपी पुलिस कांवड़ियों के स्वागत का भी विशेष इंतजाम कर रही है। अधिकारी हवाई मार्गों के जरिए खुद निरीक्षण कर रहे हैं। यूपी के कई जिलों में अधिकारी कांवड़ियों पर फूलों की बारिश कर रहे हैं। मंगलवार को मुजफ्फरनगर में डीआईजी सहारनपुर रेंज शरद सचान ने पुष्प वर्षा की थी। वहीं, बागपत समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में कांवड़ियों पर फूल बरसाए जा रहे हैं।

मुजफ्फरपुर कांड: सीडीआर की जांच में मिला सुराग, मंत्री मंजू वर्मा के पति के संपर्क में था ब्रजेश ठाकुर; मोबाइल पर होती थी बात

पटना.मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का संचालक ब्रजेश ठाकुर लगातार समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा के साथ संपर्क में बना हुआ था। इस वर्ष जनवरी से मई तक 5 महीने में उसने 17 बार मोबाइल पर बातचीत की थी। ब्रजेश ठाकुर के मोबाइल नंबरों की सीडीआर (कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड) की जांच में यह बात सामने आई है। इसके साथ ही सीबीआई की तफ्तीश में नया मोड़ आ गया है। यह भी पता चला है दोनों के बीच भेंट-मुलाकात भी होती रहती थी। चंद्रशेखर वर्मा व ब्रजेश ठाकुर के एक साथ दिल्ली टूर करने की भी बात सामने आ रही है।

ब्रजेश के ड्राइवर ने बताई मुलाकात की बात:सूत्रों के मुताबिक जांच टीम के अफसरों द्वारा पूछताछ के दौरान ब्रजेश के ड्राइवर ने भी चंद्रशेखर वर्मा के साथ मुलाकात की बात कही है। जांच टीम उस ट्रेवल एजेंसी के बारे में भी पता लगाने में जुटी है, जहां से दोनों के टूर से जुड़े एयर टिकट आदि बुक कराए गए थे। बहरहाल ब्रजेश के साथ ही अन्य आरोपियों के सीडीआर से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है।

विभाग ने काम दिया था, इसलिए फोन करता था :ब्रजेश ठाकुर के साथ होने वाली बातचीत को लेकर मंत्री मंजू वर्मा ने कहा कि राजनीतिक-सामाजिक जीवन में किसी का भी फोन अटेंड कर सकते हैं। हर कॉल अकेले नहीं रिसीव करते हैं। पति के अलावा ड्राइवर, गार्ड आदि भी फोन रिसीव करते हैं। ब्रजेश ठाकुर को विभाग ने काम दिया था। इसलिए वह फोन पर बात करता था। कॉल करने वाले कैसा है, चोर-क्रिमिनल या इंसान है। कैसे पता चलेगा? … वैसे ब्रजेश की मोबाइल कई लोगों से बात हुई होगी। फिर सिर्फ मंजू वर्मा के पति को ही क्यों टारगेट बनाया जा रहा है? पिछड़ी जाति के होने के कारण हमें निशाना बनाया जा रहा है। फोन पर बात होने से कोई दोषी नहीं हो जाता। महिला गृह जाने या अन्य आरोपों के बाबत कोई वीडियो क्लिप या सबूत है तो सामने लाएं।

सीबीआई को मिले चार पुलिस अफसर:मंगलवार को सीबीआई के एसपी जेपी मिश्रा के साथ कुछ अफसरों की टीम भी मुजफ्फरपुर पहुंच गई। कुछ अफसर पहले ही वहां पहुंच कर पड़ोसियों से पूछताछ के साथ ही अन्य टास्क पर लग चुके हैं। इधर सीबीआई की मांग पर जांच में मदद के लिए बिहार पुलिस ने 4 अफसर उपलब्ध करा दिए हैं। आने वाले दिनों में कुछ आैर अफसर भी दिए जाएंगे।

ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु की तलाश हुई तेज:जांच टीम ने ब्रजेश की सबसे बड़ी राजदार मधु कुमारी की तलाश तेज कर दी है। उसके हर संभावित ठिकानों पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही उसके करीबियों से भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। करीब डेढ़ दशक पहले ब्रजेश ने मधु को रेड लाइट एरिया से बाहर निकाला था। फिर वह ब्रजेश की करीबी बन गई आैर साहू रोड स्थित बालिका गृह के संचालन में अहम रोल निभाती थी। इसके अलावा ब्रजेश के अन्य संगठनों के संचालन के साथ वह अपना एनजीओ भी चलाती थी। हालांकि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का मामला दर्ज होने के बाद से ही मधु अंडरग्राउंड है।

सीबीआई ने लड़कियों की मेडिकल जांच की जानकारी ली:मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में शामिल लड़कियों की मेडिकल जांच पीएमसीएच में हुई थी। इन लड़कियों की जांच रिपोर्ट की जानकारी लेने के लिए सीबीआई की टीम मंगलवार को पीएमसीएच पहुंची हुई थी। सीबीआई ने उपाधीक्षक डॉ. रंजीत जमैयार के कार्यालय में उन सभी लोगों से जानकारी ली जो लोग लड़कियों के मेडिकल जांच में शामिल थे। डॉ. जमैयार ने बताया कि उन सभी जांच करने वालों को यहीं बुला लिया गया था। सीबीआई ने उन सभी बच्चियों की रिपोर्ट देखी और उसकी जानकारी ली। उपाधीक्षक ने बताया कि पीएमसीएच में बालिका गृह की 29 लड़कियों की मेडिकल जांच की गई थी। सीबीआई की दो महिला अधिकारी जांच करने के लिए आई थीं। सीबीआई ने बच्चियों की मेडिकल जांच से संबंधित कागजात भी देखे और जांच करने वाले से विभिन्न जानकारी भी ली।

पीरियड ड्रामा फिल्म बनाएंगे करण जौहर, दारा शिकोह और औरंगजेब की दिखेगी भिड़ंत

बॉलीवुड. मुगलों की सल्तनत बॉलीवुड को रिझा रही है। कुछ साल पहले आशुतोष गोवारिकर ने ‘जोधा अकबर’ बनाई थी। पिछले साल संजय लीला भंसाली ने अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती पर ‘पद्मावत’ बनाई। दोनों ही फिल्में सफल रहीं। अब कहा जा रहा है कि करण जौहर दारा शिकोह और औरंगजेब की भिड़ंत पर फिल्म बनाएंगे।

औरंगजेब के रोल के लिए रणवीर सिंह का नाम सामने आ रहा है आैर दारा शिकोह के लिए रणबीर कपूर का। यह दो हीरो और तीन हीरोइनों की कहानी होगी। हीरोइन के लिए फ्रंट पर आलिया भट्ट और करीना कपूर खान को साइन कर लिया गया है। तीसरी हीरोइन के तौर पर किसी नए चेहरे को कास्ट किया जाएगा।

यह सब जानकारी फिल्म से जुड़े लोगों ने दी है। धर्मा प्रोडक्शंस और करण जौहर की तरफ से इसे लेकर ऑफिशियल अनांउसमेंट होना अभी बाकी है। सूत्रों ने यह भी बताया है कि फिल्म का डायरेक्शन करण जौहर खुद करेंगे। यह धर्मा प्रोडक्शंस के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म होगी। खिलजी के बाद रणवीर सिंह एक बार फिर निगेटिव रोल में दिखेंगे।

दारा शिकोह के बारे में:

दारा शिकोह का जो जिक्र इतिहास में है, वही फिल्म में भी होगा। वह यह कि वे शाहजहां के लख्तेजिगर (बेटे) थे। शाहजहां, शिकोह को ही मुगल वंश का अगला बादशाह बनते हुए देखना चाहते थे। शिकोह में भी लायक बादशाह की पूरी खूबियां थीं। वे सूफीवादी और हनफी पंथ के अनुयायी थे। वे सभी मजहबों का आदर करते थे। उन्हें सभी धर्मों के दर्शन में खासी दिलचस्पी थी। हालांकि, उन्हें अपने उदार विचारों का खामियाजा भुगतना पड़ा। औरंगजेब ने कट्टरपंथ को भुनाकर दारा शिकोह को इस्लाम का गुनहगार साबित कर दिया।

आखिरकार 1658 में दारा को धर्म युद्ध और सामूगढ़ की जंग में हार का मुंह देखना पड़ा। 9 सितंबर 1659 को इस सजा के तहत दारा शिकोह का सिर काट दिया गया। औरंगजेब ने उनके बेटे सुलेमान की भी जेल में हत्या कर दी।

ट्रेड पंडितों के मुताबिक, ‘पद्मावत’ में खिलजी के निगेटिव रोल ने करण जौहर को औरंगजेब के रोल में रणवीर सिंह को कास्ट करने के लिए प्रेरित किया है। दारा शिकोह के लिए उनकी नजर में रणबीर कपूर थे। हालांकि अभी तक रणबीर की ओर से कोई कन्फर्मेशन नहीं आया है। इस पर करण जौहर के प्रवक्ता से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो भी फाइनल होगा, वह अनाउंस कर दिया जाएगा।

करोड़ों का आसामी बेलदार : भाई की तीन कंपनियों के माध्यम से करता था बिल्डिंग परमिशन, कंसल्टेंसी जैसे काम, इसकी आड़ में पैसा बनाने की बात आई सामने

इंदौर. नगर निगम के बेलदार असलम खान के ठिकानों पर लोकायुक्त द्वारा मारे गए छापे के बाद रोज नए-नए खुलासे हो रहे है। लोकायुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि असलम के भाई इकबाल जो खुद नगर निगम में इंस्पेक्टर है ने तीन कंपनियां खोल रखी थी। इन कंपनियों के माध्यम से असलम और उसके साथी बिल्डिंग परमिशन, कंस्लटेंसी जैसे काम कराते थे। इस काम के लिए बिल्डरों से कमिशन तो लेता ही था साथ ही अफसरों के नाम पर भी कमीशनखोरी करता था। लोकायुक्त छापे में 18 हजार वेतन वाला निगम बेलदार 25 करोड़ का आसामी निकला था।

लोकायुक्त पुलिस सूत्रों के अनुसार असलम का भाई इकबाल नगर निगम में इंस्पेक्टर है। सरकारी नौकरी में हाेने के बावजूद इकबाल ने तीन कंपनियां अल्फा एसोसिएट्स, लक्ष्मी एसोसिएट्स और मेट्रो एसोसिएट्स के नाम से खाेली थी। इन कंपनियों के माध्यम से बिल्डिंग परमिशन और कंस्लटेंसी जैसे काम किए जाते थे। इन कंपनियों में असलम उसके भाई के अलावा कुछ और पार्टनर भी है जो इसकी आड़ में पैसा बनाते थे।

कैसे पहुंची सरकारी फाइल, इसकी हो रही जांच
छापे में असलम और उसके भाईयों के घर से नगर निगम की कई फाइलें जब्त की गई थी। यह फाइलें निगम के उद्यान विभाग, जनकार्य विभाग के साथ ही टीएनसीपी से संबंधित थी। सूत्रों का कहना है कि असलम अपने घर से सामानांतर निगम का नक्शा विभाग चलाता था। घर पर ही बिल्डर उससे मिलने आते थे और वहीं पैसा लेकर सारे काम कर दिए जाते थे। उसके घर से मिली सरकारी फाइलें वहां कैसे आई फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।

अफसरों के नाम पर भी करता था कमीशनखाेरी
असलम ने नक्शा विभाग के सभी कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों को भी साध रखा था। अफसरों के नाम से बिल्डरों से वह डील कर लेता था और दोनों तरफ से रिश्वत लेेता था। इसके साथ ही निगम के बीओ और बीआई से उसने ऐसी सेटिंग जमा रखी थी की उसका काम कहीं नहीं अटकता था। एसपी के अनुसार असलम के एक्सिस बैंक और एसबीआई बैंक में 15 से अधिक खाते मिले है। इन खातों में 15 से 20 लाख रुपए जमा है। पैसों का बड़ा लेन देन करने के बाद वह खातों को बंद कर देता था। ऐसे लगभग 8 खातों की जानकारी हाथ लगी है। इसके साथ ही वह बगैर सरकारी अनुमति के एक बार सऊदी अरब और एक बार सिंगापुर की यात्रा कर चुका है।

फेसबुक पर खुद को बताया इंजीनियर
अफसरों के मुताबिक असलम की फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक उसने1993 में होलकर साइंस कॉलेज बेंगलुरू से पढ़ाई पूरी की जबकि वहां इस नाम का कॉलेज ही नहीं है। अफसरों का कहना है असलम ने सिविल इंजीनियरिंग की होती तो वह निगम में बेलदारी नहीं करता। वह दिनभर सहायक इंजीनियर स्तर के भवन अधिकारी के साथ गाड़ी में घूमता है। असलम करोड़ों का आसामी निकला, पर उसने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया, क्योंकि उसकी सालाना आय ही 2 लाख 28 हजार रुपए है।

‘मि. एक्स’ ने की थी शिकायत
शिकायतकर्ता ने ट्रिपल एक्स नाम से आवेदन दिया था। उसने असलम के छह-सात प्लॉट-मकान की जानकारी देते हुए कहा था यह सब अवैध कमाई से बनाए गए हैं। उसकी निगम में अफसरों से इतनी सेटिंग है कि किसी का भी नक्शा पास करवा देता है। लोकायुक्त अफसरों ने आवेदन पर दर्ज मोबाइल नंबर से शिकायतकर्ता को बयान के लिए बुलाया तो उसने खुद को प्रॉपर्टी व्यवसायी बताया था। शिकायतकर्ता ने कहा था असलम ने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के लाइसेंस फर्जी नाम से ले रखे हैं और उन पर वह खुद दस्तखत करता है।

निगम इतना मेहरबान कि बंगले का संपत्तिकर सिर्फ 1300
जांच में पता चला है कि असलम ने सालाना 30 हजार से ज्यादा संपत्तिकर की भी चोरी की है। वह मकान नंबर 129 का टैक्स 1335 और मकान नंबर 130 का टैक्स 1428 रुपए ही चुकाता था, जबकि नियमानुसार इन दोनों मकानों का संपत्ति कर सालाना 30 हजार के करीब होता है।

नक्शे पास अफसर करते थे, केंद्र में था असलम
बड़ा सवाल यह है कि असलम ने एक भी नक्शा पास नहीं किया तो उसके पास इतनी संपत्ति कैसे आई? ऐसे में जो अफसर नक्शे पास करते हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? असलम को तत्कालीन निगमायुक्त सीबी सिंह ने तीन और मनीष सिंह ने एक बार सस्पेंड किया। मनीष सिंह ने टीप लिखी थी कि असलम भवन निर्माताओं से सांठगांठ कर अनुज्ञा संबंधी कार्य निजी लाभ के लिए कराता है, जबकि भवन अनुज्ञा से संबंधित कोई दायित्व उसके पास नहीं।

बिल्डिंग परमिशन से जुड़े कामकाज में माहिर
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आया नगर निगम का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व बेलदार मोहम्मद असलम खान निगम की नक्शा शाखा में जाते ही नियम-कायदों का जानकार बन गया था। बिल्डिंग परमिशन से जुड़े कामकाज में वह इतना माहिर हो गया था कि नक्शा मंजूरी के लिए वह जहां कहीं बुलाता, अफसर वहीं पहुंच जाते थे।

17 अप्रैल को भी किया था सस्पेंड
इसी साल 17 अप्रैल को तत्कालीन निगमायुक्त मनीष सिंह ने असलम को इन्हीं गड़बड़ियों के कारण सस्पेंड कर ट्रेंचिंग ग्राउंड में पदस्थ कर दिया था। सिंह ने आदेश में लिखा था कि असलम भवन निर्माताओं के साथ सांठगांठ करते हुए भवन अनुज्ञा संबंधी कार्य निजी लाभ के आधार पर कराता है, जबकि भवन अनुज्ञा से संबंधित कोई भी दायित्व इसे नहीं सौंपा गया है। असलम बिल्डिंग परमिशन शाखा में बिना अनुमति जाता है, जबकि दूसरे विभाग के कर्मचारियों का यहां जाना प्रतिबंधित है। साथ ही सभी बिल्डिंग अफसर (बीओ), बिल्डिंग इंस्पेक्टर (बीआई) को नोट लिखा था कि भविष्य में असलम को भवन अनुज्ञा से संबंधित किसी भी तरह का सहयोग नहीं किया जाए। इतना ही नहीं, असलम का जिस सुतार गली में ऑफिस था, वहां भी जांच करवाई गई थी।

असलम मध्यस्थ रहा, जिन्होंने उसके जरिए कमाया, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं?
असलम मध्यस्थता करता था, लेकिन निगम ने इस सिस्टम को क्यों बर्दाश्त किया? शासन भी ऑनलाइन सिस्टम को पूरी तरह प्रभावी नहीं बना पाया। यही कारण रहा कि ऑनलाइन सिस्टम भी पूरी तरह से मैन्युअल वर्किंग पर ही निर्भर है। एक बड़ा तथ्य यह भी है कि अब तक के निगमायुक्त और महापौर भी जानते थे कि इसी बिल्डिंग परमिशन सिस्टम में गड़बड़ होती है, लेकिन हुआ कुछ नहीं। लोकायुक्त एक भी अफसर पर कार्रवाई नहीं कर सका।

आलोक नगर में एक दिन में पास किए थे 22 नक्शे
आठ साल पहले कनाड़िया रोड स्थित आलोक नगर को लेकर निगम में शिकायत हुई थी। अधिकारियों ने एक ही दिन में वहां के 22 नक्शों को एक साथ पास कर दिया था। मामला लोकायुक्त में गया। जांच हुई और निगम ने भी अपने स्तर पर दिखाने के लिए कार्रवाई की। इसी तरह सिटी हार्ट सहित कई बिल्डिंग के मामले हैं, जिन्हें लेकर पूर्व पार्षद परमानंद सिसौदिया सहित कई लोग शिकायतें कर चुके हैं। फिर भी भवन अधिकारियों या निरीक्षकों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पहले चार बार किया सस्पेंड, हर बार बहाल
असलम को चार बार सस्पेंड किया जा चुका है। तीन बार तत्कालीन निगमायुक्त सीबी सिंह तो एक बार निगमायुक्त मनीष सिंह ने। उसे बर्खास्त क्यों नहीं किया, इस सवाल पर सीबी सिंह का कहना है कि छोटे स्तर का ब्रोकर होगा। एक ही विभाग में लंबे समय तक रहने से इतनी संपत्ति हाे सकती है। हालांकि मुझे कुछ भी याद नहीं है अब। सेवा समाप्ति के लिए विभागीय जांच में क्या सामने आता है, उस पर निर्भर करता है। जांच में आरोप सिद्ध नहीं हुए हो, इसलिए ऐसी कार्रवाई नहीं की गई होगी।

भूमाफिया को सहयोग करने पर 8 साल पहले पुलिस कर चुकी पूछताछ
भूमाफिया को सहयोग करने के मामले में तुकोगंज पुलिस असलम से वर्ष 2010 में पूछताछ भी कर चुकी है। तब पुलिस ने उसे घर से उठाकर कुछ दिन तक थाने में बैठाया था। वह सालों नक्शा शाखा में भी रहा। धीरे-धीरे भूमाफिया और बिल्डरों का काम कराने लग गया। उसने शहर की कई बड़ी मल्टियों के नक्शे पास कराए। उसी भूमाफिया की कॉलोनी में भी आरोपी का एक प्लॉट मिला है। असलम का भाई इकबाल नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ है और एजाज नगर निगम में ही कॉन्ट्रैक्टर है। हालांकि दोनों भाइयों के नाम एफआईआर में फिलहाल नहीं है। असलम की तीन बेटियां हैं। एक बेटी अरबिंदो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रही है और दूसरी बेटी सेंट रेफियल्स स्कूल में पढ़ती है।

ये मिला था छापे में

  • 2 किलो साेने के गहने, सोने के 11 बिस्किट
  • 25 लाख रुपए नगद
  • 5 मकान अशोका कॉलोनी में, 1 फ्लैट, 1 मकान पत्नी के नाम
  • 1.512 हेक्टेयर जमीन, ऑफिस आैर दुकान, 3 कारें भी
  • पत्नी के नाम स्कीम 103, राजगृही कॉलोनी, साकेत में 1-1, सुखलिया में 4 प्लॉट
  • पत्नी के नाम ही साउथ तुकाेगंज में दुकान, सुभाष मार्ग, सुतार गली में फ्लैट
  • स्कीम 136 में भाई, पीपल्याहाना में मां, जावरा में खुद के नाम पर प्लॉट
  • लाखों के बकरे
  • स्कीम 54 में प्लॉट, ऑफिस
  • देवास के कमलापुर और महू के चिकली में जमीन

ट्रम्प की डिनर पार्टी में शामिल हुए इंदिरा नूई और अजय बांगा, दुनिया के टॉप सीईओ थे आमंत्रित

न्यूयॉर्क. पेप्सिको की निवर्तमान सीईओ इंदिरा नूई और मास्टरकार्ड के सीईओ अजय बांगा ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ डिनर किया। न्यू जर्सी स्थित ट्रम्प के निजी गोल्फ क्लब में यह कार्यक्रम रखा गया। इसमें दुनिया की कुछ शीर्ष कंपनियों के सीईओ आमंत्रित थे। व्हाइट हाउस से जारी बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम के माध्यम से ट्रम्प अर्थव्यवस्था का हाल और उस पर सीईओ के विचार जानना चाहते थे।
व्हाइट हाउस से जारी मेहमानों की लिस्ट के मुताबिक, नूई पति राज के साथ और बांगा पत्नी रितु के साथ कार्यक्रम में आए। इनके अलावा 15 मुख्य बिजनेस लीडर्स डिनर में आमंत्रित थे। इनमें फिएट क्रिसलर के सीईओ मिशेल मैनले, फेडेक्स के सीईओ फ्रेड्रिक स्मिथ और बोइंग के सीईओ डेनिस मिलनबर्ग शामिल थे। वहीं, ट्रम्प पत्नी मेलानिया, बेटी इवांका और दामाद जैरेड कुशनर के साथ आए थे।

नूई को सबसे प्रभावशाली महिला बताया : व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान ट्रम्प ने कहा, “यह मीटिंग दुनिया के टॉप बिजनेस लीडर्स के साथ हो रही है। हमें गर्व है कि आप हमारे पास हैं। आपसे आपके विचारों पर चर्चा करेंगे और अमेरिका को दोबारा महान बनाएंगे।”

जापान: छात्रों ने बनाया हिरोशिमा हमले का वर्चुअल वीडियो, कहा- तस्वीरें देखोगे तो हमारा दर्द समझ जाओगे

फुकुयामा. जापान के फुकुयामा टेक्निकल हाईस्कूल के कुछ बच्चों ने 73 साल पहले हिरोशिमा में हुए परमाणु हमले का वर्चुअल वीडियो बनाया है। पांच मिनट के इस वीडियो में उन्होंने स्लोगन दिया- तस्वीरें देखोगे तो हमारा दर्द खुद समझ जाओगे। यह प्रोजेक्ट दो साल में पूरा हुआ। डेटा जुटाने के लिए उन्होंने हमले के पीड़ितों से बात की। पुरानी तस्वीरों और वीडियो का भी इस्तेमाल किया।

वीडियो बनाने वाली टीम में शामिल मेई ओकादा ने बताया कि उनका स्कूल हिरोशिमा से करीब 100 किलोमीटर दूर है। वे दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि 73 साल पहले उनके साथ किस तरह अन्याय किया गया।

जो हुआ, अच्छा नहीं हुआ : 18 साल के यूही नाकागवा कहते हैं, ‘‘हमारी टीम में शामिल अधिकतर बच्चे परमाणु हमले के 50 साल बाद इस दुनिया में आए। प्रोजेक्ट के दौरान हमने उस वक्त के काफी फोटो देखे। हमें महसूस होता है, जो हुआ, वह ठीक नहीं था। डेटा जुटाते वक्त हम ऐसे लोगों से मिले, जो परमाणु हमले में जिंदा बच गए थे। उनकी हालत आज भी ज्यादा अच्छी नहीं है। वे कई बीमारियों से जूझ रहे हैं।’’

दोनों हमलों में दो लाख से ज्यादा लोग मारे गए : पांच मिनट के इस वीडियो में 6 अगस्त 1945 की सुबह हिरोशिमा में चमकीली धूप खिली हुई दिखाई गई है। शहर के ऊपर से अचानक एक हवाई जहाज गुजरता है। रोशनी दिखाई देती है और तेज धमाके की आवाज आती है। इमारतें ढह जाती हैं और चारों तरफ काला धुआं फैल जाता है। आग की लपटें आसमान तक उठती नजर आती हैं। इस हमले में 1 लाख 40 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसके तीन दिन बाद अमेरिका ने नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम फेंका था, जिसमें 70 हजार लोग मारे गए थे। दोनों हमलों के छह दिन बाद जापान ने समर्पण कर दिया और द्वितीय विश्व युद्ध खत्म हो गया था।

पहले टेस्ट में भारत की हार पर इंग्लैंड के प्रशंसकों ने उड़ाया मजाक, कहा- आपके कोहली कहां गए, हमारे पास एंडरसन हैं

एजबेस्टन. इंग्लैंड ने 5 टेस्ट की सीरीज के पहले मैच में भारत को 31 रन से हराया था। इस हार के बाद भारतीय टीम की कड़ी आलोचना की गई। जीत की दहलीज पर पहुंचकर हारने के कारण क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने बल्लेबाजों को इसका दोषी ठहराया। वहीं इंग्लैंड के प्रशंसकों ने विराट कोहलीको फिर से निशाने पर लिया। हालांकि कोहली ने टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 200 रन बनाए, लेकिन ब्रिटिश समर्थकों ने फिर भी उन पर तंज कसा। स्टेडियम के बाहर भारतीय प्रशंसकों पर टिप्पणियां करते हुए उन्होंने कहा कि आपके कोहली कहां गए, हमारे पास एंडरसन हैं।

भारतीय टीम की बस के सामने किया हंगामा: इंग्लैंड के प्रशंसकों ने बर्मिंघम में एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड के बाहर भारतीय प्रशंसकों के सामने जमकर हो-हल्ला किया। जिस समय वे भारतीय प्रशंसकों पर हार के कारण तंज कस रहे थे, उस वक्त भारतीय खिलाड़ी बस में थे। बस के ड्राइवर ने सिक्योरिटी गार्ड से सबको हटाने को भी कहा। दोनों टीमों के समर्थक बस के बगल में खड़े हो गए। भारतीय प्रशंसकों ने “बल्ले-बल्ले” कहकर टीम इंडिया को विदा किया।

आसपास क्या हो रहा है इस पर ध्यान न दें, सिर्फ दिल की सुनें: कोहली को तेंडुलकर की सलाह

लंदन.  नौ अगस्त से लॉर्ड्स में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट से पहले सचिन तेंडुलकर ने विराट कोहली को सलाह दी है। सचिन ने कहा कि कोहली सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दें और दिल की बात सुनें। एजबेस्टन टेस्ट में भारत की हार के बाद कोहली की कप्तानी पर सवाल उठे थे। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने कहा था कि पहले टेस्ट में कोहली के कुछ फैसले अच्छे नहीं थे। हालांकि, सचिन ने कहा कि विराट बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे हैं। वे ऐसे ही खेलते रहें। आसपास क्या हो रहा है, इस बारे में चिंता न करें।
पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने भारत को 31 रन से हराया था। इसके बाद नासिर हुसैन ने कहा था कि कोहली को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इंग्लैंड के आदिल रशीद जब बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर थे तो भारत के टॉप स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को आराम के लिए मैदान से बाहर भेजना ठीक नहीं था। उनके बाहर जाने से टीम इंडिया ने मैच पर नियंत्रण खो दिया था।

 

संतुष्ट होने पर पतन शुरू हो जाएगा : खेल वेबसाइट क्रिकइन्फो को दिए इंटरव्यू में सचिन ने कहा, ‘”आसपास बहुत-सी बातें कही जाएंगी। आप जीवन में जो पाना चाहते हैं और जिस बात को लेकर आप आगे बढ़ रहे हैं, सिर्फ उसी पर फोकस रखें। परिणाम हमेशा आपके पक्ष में होंगे। मैं अपने अनुभव से कहना चाहता हूं कि आप जितने भी रन बना लें, वे कम ही होंगे। जिस दिन आप अपने प्रदर्शन संतुष्ट हो जाएंगे, वहां से पतन शुरू हो जाएगा। गेंदबाज केवल दस विकेट ले सकता है, लेकिन बल्लेबाज लगातार रन बना सकता है। इसलिए कभी संतुष्ट न हों, सिर्फ खुश रहें।’’

एजबेस्टन की उपलब्धि पर फख्र होना चाहिए : सचिन ने कहा कि कोहली को एजबेस्टन में हासिल व्यक्तिगत उपलब्धि पर फख्र होना चाहिए। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि 2014 में उनका इंग्लैंड दौरा ठीक नहीं था। विराट ने 2014 के इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट में केवल 134 रन बनाए थे। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 39 था। वे छह बार दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू सके थे। जबकि इस बार पहले ही टेस्ट में कोहली ने दोनों पारियों में कुल 200 रन बनाए।

नौ साल की छात्रा के अपहरण के प्रयास का मामला इंदौर से पुणे भागा तीसरा आरोपी नौ दिन बाद पुलिस गिरफ्त में

उज्जैन

देवासरोड मालनवासा के सरकारी स्कूल मेें पढ़ने वाली 9 साल की छात्रा के अपहरण का प्रयास करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस पुणे से गिरफ्तार कर ले आई। उसी ने बालिका को मोबाइल पर बात करने के बहाने पास बुलाया था और दो साथियों की मदद से गलत काम के लिए ले जाने की फिराक में था। स्कूल की दो शिक्षिकाओं के समय पर देख लेने से आरोपी भाग निकले थे और बच्ची बच गई। शिक्षिकाओं की जागरुकता की वजह से मंदसौर जैसी घटना होने से यहां टल गई थी।

30 जुलाई की दोपहर में लंच की छुट्टी के दौरान भोजन के लिए घर के लिए निकली चौथी कक्षा की छात्रा से अपहरण का प्रयास करने वाले आरोपी की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पहचान की थी। इंदौर के मराठी मोहल्ला में रहने वाला अमित नेवले घटना के बाद इंदौर से जावरा भाग गया। यहां पुलिस को उसके बारे में खबर लगी तो पुणे निकल गया। पुलिस उसे खोजते हुए वहां भी पहुंच गई और ले आई। नागझिरी थाना इंचार्ज आरआर वास्कले ने बताया घटना के दो आरोपी पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। तीसरा आरोपी फरार था, उसे भी गिरफ्तार कर लिया। अब एक सप्ताह में कोर्ट में चालान भी पेश कर देंगे ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले।